बिहिवार, श्रावन ७, २०८३
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९ सौं साल पुराना खजाना मिला
22 जुलाई 2026(तदनुसार २०८४ श्रावण ५ )
  अगुवा समाचार
जब लोग दफन खजाने की बात करते हैं, तो वे इसे ऐसी चीज के रूप में देखते हैं जिसे प्राचीन या प्रागैतिहासिक काल में राजाओं या रईसों द्वारा सुरक्षा के लिए जमीन में छिपा दिया गया था ।

दूसरे शब्दों में वताया जाए तो, जब किसी की मृत्यु होती है, तो उसकी संपत्ति उसके शरीर के साथ दफना दी जाती है, या जब किसी का घर या गांव नष्ट हो जाता है, तो पूरी भूमि खंडहर में तब्दील हो जाती है, और समय के साथ, जब उसी स्थान की खुदाई की जाती है तो ये वस्तुएं पाई जाती हैं ।

हमारे ग्रामीण समाज में इस तरह की घटनाएं बार-बार घटित होती रही हैं । कई लोग ऐसी संपत्ति से ईर्ष्या करने लगे हैं और कई लोग इसे प्राप्त करने के बाद भी इसका सही उपयोग नहीं कर पाए हैं । ऐसी वस्तुओं में मूल्यवान मूर्तियां, सिक्के, सोना, चांदी या अन्य कीमती धातुएं शामिल हैं । इस संदर्भ में, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि मंगलवार को नेपाल कि कपिलवस्तु जिले की बाभनी में तांबे के कलश के अंदर खजाने रुप में सिक्का मिला है ।  यह वस्तु उपर उल्लेखित बातो में से एक या इसी तरह की अन्य वस्तुओं में से एक हो सकता है ।
जिला प्रशासन ने बताया है कि कलश के अंदर मिला सिक्का फंसी हुई अवस्था में था । कपिलवस्तु संग्रहालय की प्रमुख शांति शर्मा लिंबू ने कहा कि यह सिक्का नेपाल बन्ने से पहले कि मल्ल काल के दौरान, बिक्रम के 12वीं शताब्दी का हो सकता है ।
कपिलवस्तु जिले कि वर्तमान पुलिस उपरिक्षक के रूप में कार्यरत मनोहर भट्ट द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, करुआ में सभी सिक्कों की गिनती के बाद, करुआ सहित सभी सिक्के संग्रहालय को सौंप दिए जाएंगे ।
टीकाराम जोशी

माण्डव्य हेमन्त

माण्डव्य हेमन्त 

माण्डव्य हेमन्त

हेमन्त माण्डव्य

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