संत निरंकारी मंडल नेपाल की 37वीं वार्षिक साधारण सभा कैलाली जिले के मध्यवर्ती क्षेत्र में स्थित बर्दगोरिया गाउँपालिका के सड़कपुर बौनिया सत्संग भवन में एक कार्यक्रम के बीच संपन्न हुई ।
संत निरंकारी मंडल नेपाल के केंद्रीय अध्यक्ष नर बहादुर रावल की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बर्दगोरिया गाउँपालिका के अध्यक्ष कर्ण कुँवर थे ।
संस्था के केंद्रीय सदस्य एवं प्रचार विभाग प्रमुख देवराज रिमाल के स्वागत मंतव्य के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में बर्दगोरिया गाउँपालिका वार्ड नंबर 3 के पूर्व अध्यक्ष कर्ण सुनार, सशस्त्र प्रहरी बल बौनिया के डी.एस.पी. विश्वराज पोखरेल, बर्दगोरिया गाउँपालिका वार्ड नंबर 1 के वार्ड अध्यक्ष मिथुन गौतम, वार्ड नंबर 2 के वार्ड अध्यक्ष गोविंद विक आदि ने शुभकामना मंतव्य व्यक्त किए ।
संस्था के केंद्रीय सचिव अनिल महर्जन ने आर्थिक वर्ष 2082/083 का प्रगति विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि देश के करीब 39 जिलों के विभिन्न स्थानों में सत्संग भवन स्थापित कर सामाजिक कार्यों में योगदान दिया जा रहा है । इसके साथ ही उन्होंने अवगत कराया कि संघीय, प्रांतीय और स्थानीय निकायों के अनुदान से देश भर के 10 जिलों के 15 स्थानों में विभिन्न प्रकार की संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है, तथा देश के विभिन्न स्थानों में आयोजित रक्तदान शिविरों के माध्यम से 1392 यूनिट रक्त संकलन कर रेडक्रस को हस्तांतरित किया गया है ।
इसी प्रकार, संत निरंकारी मंडल नेपाल के केंद्रीय कोषाध्यक्ष कृष्ण कन्हैया पाठक जी ने आर्थिक वर्ष 2082/083 का करीब 3 करोड़ 88 लाख 94"हजार 2 सय 24 रुपैयाँ का आय-व्यय प्रस्तुत किया तथा आर्थिक वर्ष 20८3/084 के लिए करीब 3 करोड़ 83 लाख 7 हजार 69 रुपैयाँ का अनुमानित आय-व्यय प्रस्तुत किया।
उक्त कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं बर्दगोरिया गाउँपालिका के अध्यक्ष कर्ण कुँवर ने कहा कि वे संत निरंकारी मंडल को करीब 30 वर्षों से नज़दीक से देख रहे हैं। मंडल द्वारा किए गए कार्यों के लिए हार्दिक धन्यवाद देते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पास सीमित बजट और विकास निर्माण के कई कार्य करने की बाध्यता के कारण वे संत निरंकारी मंडल नेपाल को पर्याप्त बजट विनियोजित नहीं कर सके, साथ ही उन्होंने इसी आर्थिक वर्ष के भीतर निर्माणाधीन सड़कपुर बौनिया सत्संग भवन का निर्माण कार्य संपन्न कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की ।
संत निरंकारी मंडल नेपाल के केंद्रीय अध्यक्ष नर बहादुर रावल ने कहा कि संत निरंकारी मिशन कोई धर्म या संप्रदाय नहीं, बल्कि एक विशुद्ध आध्यात्मिक विचारधारा है । उन्होंने बताया कि संत निरंकारी मिशन की शुरुआत वर्ष 1929 में तत्कालीन भारत और वर्तमान पाकिस्तान के पेशावर से बाबा बुटा सिंह जी महाराज ने की थी, हालांकि इसे औपचारिक रूप से वर्ष 1946 में 'संत निरंकारी मंडल' के नाम से भारत के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय के तहत दर्ज किया गया। नेपाल में इसकी स्थापना विक्रम संवत 2020 चैत्र 6 गते को सुदूरपश्चिम प्रदेश के अछाम जिले के गोयलापानी से हुई और औपचारिक रूप से वि.सं. 2046 में काठमांडू में केंद्रीय कार्यालय रखते हुए इसे दर्ज किया गया ।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज में धर्म, जाति, वर्ण आदि के आधार पर मौजूद विभिन्न प्रकार के विभाजनों को रोककर एकत्व स्थापित करना है ।
उक्त कार्यक्रम मे विभिन्न व्यक्तियों को सम्मानित भि किया गया था ।
कार्यक्रम मे सन्त निरंकारी मण्डल नेपाल के मिडिया प्रतिनिधि हेमन्तराज माण्डव्य, बिमल जैरु, टीकाराम साउँद, पुर्ण कुमाल भि मौजुद रहे ! साथ मे अगुवा सन्देश के संवाददाता प्रकाश जोशि भी उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम मे मण्डल के सेवादल क्षेत्रीय सञ्चालक नर बहादुर बटाला, सस्त्र प्रहरी बौनियाँ का डिएपी विश्वनाथ पोखरेल, वडा न 2 बौनियाँ के गोविन्द बिश्वक्रमा, केन्द्रीय सल्लाहकार श्रीराम काफ्ले लगायतले मण्डल के गतिविधी के सवाल मे अपनि धारणाऐ रखि हूई थी ।
कार्यक्रमका स्वागत मण्डल के प्रचारबिभाग प्रमुख देवराज रिमाल ने किया और सञ्चालन मण्डल के सहसचिव नरबहादुर बिक ने किया था ।