भेरी साहित्य समाज केंद्रीय समिति के आयोजन में एक साहित्यिक मिलन और सम्मान समारोह संपन्न हुआ।
आज नेपालगंज में आयोजित इस कार्यक्रम में लघुकथा समाज नेपाल और स्रष्टा समाज नेपाल के अध्यक्ष, गोरखापत्र संस्थान के पूर्व प्रधान संपादक तथा 'मधुपर्क' साहित्यिक पत्रिका के पूर्व संपादक श्रीओम श्रेष्ठ "रोदन" जी और उपन्यास समाज नेपाल के अध्यक्ष शंकर भारती जी को सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
नेपाली साहित्यिक क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रहकर "अर्थहीन अर्थहरू" और "समयका सम्भावनाहरू" निबंध संग्रह, "समुद्र वारि समुद्र पारि" और "नबिर्सने दिनहरू" यात्रा-वृत्तांत (नियात्रा) संग्रह, "ललिता" कथा संग्रह, "आँखीझ्याल" लघुकथा संग्रह जैसे अनेक कृतियों का प्रकाशन कर नेपाली साहित्य की श्रीवृद्धि और विकास में प्रदान किए गए अतुलनीय योगदान के उच्च मूल्यांकन करते हुए समाज द्वारा श्रीओम श्रेष्ठ "रोदन" जी को सम्मानित किया गया।
इसी प्रकार उपन्यास विधा में लंबे समय तक निरंतर लेखन कार्य करते हुए "अनुपम देवता", "अर्को जुनी" और "प्रेम तपस्या" सहित एक दर्जन से अधिक उपन्यासों का प्रकाशन कर साहित्य जगत में दिए गए योगदान की उच्च सराहना करते हुए उपन्यासकार शंकर भारती जी को भी इसी कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।
इसके अलावा कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित भारत के महाराष्ट्र (नासिक) के वरिष्ठ साहित्यकार दंपति डॉ. राजेंद्र खटाटे जी और श्रीमती मनीषा खटाटे जी का विशेष अभिनंदन सहित सम्मान किया गया।
यह कार्यक्रम भेरी साहित्य समाज केंद्रीय समिति के अध्यक्ष इंद्रबहादुर बस्नेत की अध्यक्षता में आयोजित हुआ, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार एवं नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के पूर्व सदस्य-सचिव प्राज्ञ सनत रेग्मी जी उपस्थित थे।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में लुम्बिनी प्राविधिक विश्वविद्यालय सेवा आयोग के सदस्य प्रा. डॉ. कृष्णप्रसाद घिमिरे, खगेन्द्र गिरी कोपिला, किरण आचार्य, डॉ. राजेंद्र खटाटे और श्रीमती मनीषा खटाटे जी उपस्थित रहे।
भेरी साहित्य समाज के संस्थापक अध्यक्ष, केंद्रीय समिति के वरिष्ठ सलाहकार तथा निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. हरिप्रसाद तिमिल्सिना जी के स्वागत भाषण से आरंभ हुए इस कार्यक्रम का संचालन समाज के महासचिव सुंदर गुरुङ ने किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने साहित्यिक शुभकामना संदेश दिए। साहित्यिक मिलन के इस कार्यक्रम में सम्मानित तथा अभिनंदित रचनाकारों ने अपनी साहित्यिक यात्रा के संघर्षपूर्ण दिनों और सफलता के क्षणों को याद करते हुए प्रेरणादायी विचार रखे।